Skip to main content

RT-PCR Test in Hindi – जानिये आरटी पीसीआर टेस्ट के बारे सबकुछ हिंदी में

RT-PCR Test in Hindi – जानिये आरटी पीसीआर टेस्ट के बारे सबकुछ हिंदी में 

Know Everything About RT-PCR Test in Hindi

rt-pcr test क्या होता है और इसकी full form क्या होती है?

आरटी पीसीआर (RT-PCR Test) टेस्ट का full form होता हो रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमर्स चेन रिएक्शन टेस्ट।

यह टेस्ट शारीर में कोरोना वायरस की की मौजूदगी का पता लगता है| इस टेस्ट में कोरोना वायरस के RNA की जांच की जाती है| भारत में टेस्टिंग विकल्पों में सबसे ज्यादा विश्वसनीय rt-pcr test को ही माना जाता है|


rt-pcr test किसको करवाना चहिये?

अगर आपको लगता है की आप किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आये हैं जिसमे हाल ही में संक्रमण की पुष्टि हुई है तो आपको अपना rt-pcr test जरुर करवाना चाहिए | इसके अलावा अगर आपको खांसी, भुखर, सर में दर्द, बदन दर्द, पेट ख़राब होना, अत्यधिक थकान होना, आदि जैसे लक्षण है तो आपको अपना टेस्ट जरुर करवाना चाहिए क्युकी ये कोरोना वायरस के लक्षण हो सकते हैं|
 

rt-pcr test कैसे होता और इसको करने का तरीका क्या है?

rt-pcr test में आपके शारीर में कोरोना वायरस के संक्रमण का पता लगाने के लिए शरीर के विभिन्न हिस्सों से सैंपल लिए जाते हैं। सामान्य तौर पर nasals swab, throat swab सैंपल लिए जाते हैं जिसमे नाक की म्यूकोजा और गले की म्यूकोजा की अंदर वाली परत से स्वैब लिए जाते हैं।
 

rt-pcr test करने में कितना time लगता है?

rt-pcr test करने में ज्यादा time नहीं लगता | सबसे पहले आपको अपने जिला अस्पताल या अन्य प्राइवेट टेस्टिंग सेंटर पर जाके अपना आधार कार्ड दिखाना होता है जिससे आपका पंजीकरण होता है | उसके बाद टेस्टिंग सेंटर के अन्य कर्मचारी द्वारा आपके गले तथा नाक से swab लिया जाता है | टेस्टिंग सेंटर पर ज्यादा भीड़ ना हो तो ज्यादा से ज्यादा 10 मिनट लगते हैं|
 

rt-pcr test के result/report आने में कितना time लगता है?

rt-pcr test result या rt-pcr test report आने में वैसे तो 6 से 8 घंटे का वक्त लगता है पर इस से कही ज्यादा भी समय लग सकता है | लेकिन आज कल भारत में कोरोना महामारी विकराल रूप ले चुकी है, एक दिन में चार लाख से ज्यादा केस आ रहे हैं ऐसे में टेस्टिंग का ज्यादा लोड हो तो रिपोर्ट आने में 2 से 4 दिन तक का भी समय लग जाता है|
 

क्या rt-pcr test report online मिल जाती है या हमे testing centre पर जाना पड़ता है?

rt-pcr test report online आज कल सभी को ऑनलाइन के माध्यम से भेज दी जा रही है| इससे टेस्टिंग सेंटर पर भीड़ नियमित रहती है और मरीज को दुबारा टेस्टिंग सेंटर पर नहीं जाना पड़ता| इससे बाकी आने वाले मरीजो में संक्रमण का खतरा कम हो जाता है| 

rt-pcr test report की accuracy कितनी है?

भारत में कोरोना वायरस की टेस्टिंग के लिए Rapid Antigen और RT-PCR इन दोनों के द्वारा बड़े पैमाने पर टेस्टिंग की जा रही है|  Rapid Antigen टेस्ट की रिपोर्ट आपको 30 मिनट में मिल जाती है पर RT-PCR test की रिपोर्ट में 2 से 3 दिन का समय लगता है| काफी बार टेस्टिंग के दौरान ये देखने को मिला है की कुछ लोगो का Rapid Antigen टेस्ट नेगेटिव आती है पर RT-PCR द्वारा उनमे कोरोना की पुष्टि होती है | इसके अलावा rt-pcr test accuracy और reliability तथा अन्य  मायिनो में रैपिड एंटीजन टेस्ट से बेहतर है|

Comments

Popular posts from this blog

What is Zika Virus | जानिये जिका वायरस क्या है और कैसे फैलता है | जिका वायरस से कैसे बचे |

जीका वायरस आज के समय में कई देशो को अपनी चपेट में ले चूका है और दुनिया के लिए एक नया खतरा बनता जा रहा है। ज़ीका वायरस ने अकेले ब्राज़ील में 15 लाख लोगो को प्रभावित किया है । अभी हाल ही में हमारे देश में जयपुर में जीका वायरस के 100 से भी ज्यादा केस देखने को मिले । ये एक ऐसा वायरस है जो एडीज, एजिप्‍टी तथा अन्‍य मच्‍छर जो चिकनगुनिया और डेंगू भी फैलाते हैं उनसे फैलता है। अगर ये मच्छर अगर किसी गर्ववती महिला को काट ले तो ज़ीका वायरस फैलने का खतरा और भी बढ़ जाता है तथा उसके नवजात बच्चे की मस्तिस्क का विकास ठीक ढंग से नहीं हो पाता जिससे बच्चे का सर छोटा हो जाता है और Brain Damage होने का खतरा ज्यादा बना रहता है । इसके साथ साथ अंधापन, बहरापन और अन्य जन्मजात दोष होने की भी आशंका बानी रहती है । जिका विषाणु से Guillain Barre Syndrome होने की भी आशंका होती है, ये एक तरह की अस्थायी Paralysis है जो की आम तोर से वयस्कों में पाया जाता है, इससे आगे चलकर कई  तंत्रिका तंत्र की समस्या होने की भी काफी सम्भावनाये  बनी रहती है. 1947 के दशक में  इस बीमारी का पता चला। ज़ीका वायरस अफ्रीका से...

What happens if you eat blueberries everyday? | Amazing health benefits of blueberries in Hindi

ब्लूबेरी में एंटीऑक्सिडेंट की बहुत अच्छी मात्रा होती है, इसके अलावा विभिन्न फाइटोकेमिकल्स होते हैं जो दबाव के स्तर को कम करते हैं, स्मृति में सुधार करते हैं और उम्र बढ़ने की एक स्वस्थ विधि का निर्माण करते हैं। एक अध्ययन के अनुसार, एक दिन में लगभग एक कप ब्लूबेरी के सेवन से दिल की धड़कन का दबाव स्तर कम हो सकता है, अर्थात दबाव स्तर के पढ़ने के दौरान प्रमुख विविधता जो मांसपेशियों के अनुबंध के बाद एक बार धमनियों पर दबाव की मात्रा को इंगित करती है। ब्लूबेरी एक बहुत स्वादिस्ट बेरी होती  है। यह कैलोरी में कम हालांकि फाइबर, विटामिन सी और विटामिन के में उच्च है। ब्लूबेरी में सभी लोकप्रिय फलों और सब्जियों की बहुत अच्छी अवरोधक क्षमता होती है।  ब्लूबेरी और ब्लूबेरी का रस बहुलक चोट को ठीक करने में काफी सहायक  साबित होता है तथा उम्र बढ़ने और कैंसर का प्रमुख चालक हो होता है। ब्लूबेरी में एंटीऑक्सिडेंट को एरोबिक चोट "एलडीबी" कोलेस्ट्रॉल को रोकने के द्वारा हृदय की स्थिति के लिए एक प्रमुख जोखिम के मुद्दे को काफी हद तक ठीक होते हुए देखा जा है। ब्लूबेरी में एंटीऑक्सिडेंट...